ए खुदा यह हमने यह क्या कर दिया, अपने दिलों को हमने नफरत से भर दिया।
तेरे लिए दिल मैं जगह न बची, इस लिए हमने तुजे मंदिर मस्जिद मैं बैठा दिया।।
इस पत्थर की चारदीवारी के लिए हम लड़ बैठे, कत्लेआम हम अपनों का ही कर बैठे।
हमसे अच्छे तो वो परिंदे है, जो कभी मंदिर पे जा बैठे तो कभी मस्जिद पे जा बैठे ।।
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nice
ReplyDeletenice line about parinde
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